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डॉ. रोहित साने द्वारा अँजिओप्लास्टी / बायपास के पश्चात हृदय को तन्दुरुस्त रखनेवाली कार्डिॲक रिहॅब की त्रिसूत्री जानने का सुअवसर!

हृदय रोग पर बिना शल्यक्रिया उपचारों के लिए प्रसिद्ध माधवबाग संस्था के निर्देशक डॉ. रोहित साने द्वारा जानिए अँजिओप्लास्टी / बायपास के पश्चात हृदय को तन्दुरुस्त रखनेवाली कार्डिॲक रिहॅब की त्रिसूत्री क्या है? प्रस्तुत विषय में जानकारी प्राप्त करने के लिए इस विनामूल्य वेबिनार में अवश्य सहभाग लें!

यह विनामूल्य लाईव वेबिनार ZOOM APP पर आयोजित किया हैं।

दि.: मराठी में, शनिवार 17 अप्रैल को शाम 5 बजे और हिंदी में, रविवार 18 अप्रैल को शाम 5 बजे

वेबिनार के लिए आज ही अपना नाम दर्ज करें, सीमित स्थान उपलब्ध।

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अँजिओप्लास्टी / बायपास के बाद हृदय की देखभाल कैसे करें? यदि यह सवाल आपके मन में है, तो यह वेबिनार आपके लिए है!

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क्या आपको या आपके परिवार के सदस्य को हार्ट ब्लॉकेज का पता चला है?

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वेबिनार तिथि, स्लॉट और भाषा का चयन करें

 

इस विनामूल्य लाईव वेबिनार में हृदय स्वास्थ्य के संबंध में आप को निम्न प्रश्नों के उत्तर प्राप्त होंगे

  • क्या अँजिओप्लास्टी या बायपास के पश्चात अनुभूत होनेवाले छाती में दर्द जैसे लक्षणों से मुक्त होना संभव है?
  • क्या अँजिओप्लास्टी या बायपास के पश्चात हृदय को स्वस्थ और तन्दुरुस्त रखना संभव होता है ?
  • क्या हृदय की क्षतिग्रस्त (डैमेज) हो चुकी रक्तवाहिकाएं दोबारा पूर्वस्थिती में लाई जा सकती हैं?
  • क्या एक बार अँजिओप्लास्टी या बायपास करवाने के पश्चात दोबारा सुझाई गई अँजिओप्लास्टी टल सकती है?
  • क्या अँजिओप्लास्टी या बायपास के पश्चात आवश्यक एलोपैथी की दवाईयों पर होनेवाले बड़े खर्चे टल सकते हैं?
  • क्या अँजिओप्लास्टी या बायपास के पश्चात बिगड़ चुकी जीवन पद्धति में दोबारा सुधार लाया जा सकता है?

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About Dr. Rohit Sane

Dr. Rohit Madhav Sane is the first to conceptualize the idea that ancient Indian medical science, Ayurveda, can play a big role in chronic cardiac disease.

Founder of Madhavbaug Clinics & Hospitals in India, Dr. Rohit used his education in modern medicine and undertook a meticulous research into Ayurveda. Extensive experimentation and delving deeper into every minute aspect of his study led him to find scientific evidence to substantiate this novel idea.

The effort resulted in a highly effective alternative therapy for chronic heart failure through combination of modern medical science and the well-established therapies prescribed in Ayurveda.

Research Papers & Scientific Journals

Researches published in leading scientific journals and presented at international conferences

The Lancet Indian Heart Journal European Journal American Journal British Journal Journal

MADHAVBAUG HAS SUCCESSFULLY HELPED THOUSANDS OF HEART PATIENTS

300+
Clinics & OPD's

2
World Class Hospitals

10 Lacs+
Patients Treated

1/4th
Cost of Surgery